हरियाली विसर्जन के साथ दुर्गा शक्ति मंदिर का चैत्र नवरात्र संपन्न
भगवती जागरण में झूमी भक्त-सभा, ज्योति शर्मा के भजनों ने बांधा समां
मंदिर-प्रांगण से गंगा-घाट तक: विश्व-शांति की प्रार्थना संग हरियाली विसर्जन
संदीप मल्होत्रा व सैकड़ों भक्तों ने ली आरती-प्रसाद की महिमा
ब्यूरो, ऋषिकेश।
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श्री दुर्गा शक्ति मंदिर में चैत्र नवरात्र महोत्सव बुधवार रात भगवती जागरण के बाद पवित्र हरियाली के विसर्जन के साथ श्रद्धापूर्वक संपन्न हुआ। मंदिर प्रांगण देर शाम दीपमालाओं, ध्वज-पताकाओं और रंगोली से सजा था; जयकारों और ढोलक की थाप से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
जागरण में भजन-गायक पंडित ज्योति शर्मा ने गणेश आराधना से गायन आरंभ किया और फिर मां की एक के बाद एक स्तुति प्रस्तुत की। “नवरात्रि की पावन छटा है…”, “मै तेरे दर का नौकर हूँ…”, “चिंतपूर्णी के दरबार में लगा मेला…”, “ए मस्तियाँ मैनू मैया दे नाँव दियाँ…” जैसे भजनों की श्रृंखला से पंडाल झूमता रहा; खड़े-खड़े श्रद्धालु भी ताल पर नाच पड़े। आधी रात के आसपास माता की भव्य आरती हुई—कपूर की लौ, शंख-ध्वनि और सामूहिक “जय माता दी” ने परिसर को प्रकाश और ध्वनि से भर दिया।
आरती के उपरांत सभा ने देश-समाज़ की उन्नति और विश्व-शांति के लिए प्रार्थना की। फिर विसर्जन का क्रम चला: चैत्र नवरात्र की कलश-हरियाली को विधि-विधान से गंगा-घाट ले जाकर मंत्रोच्चार के बीच प्रवाहित किया गया।
कार्यक्रम में मंदिर-समिति अध्यक्ष संदीप मल्होत्रा,महासचिव पंडित ज्योति शर्मा, सतीश कक्कड़, प्रदीप कोहली,संतोष शर्मा,सीमा चिचड़ा,अनिल विरमानी, दीपक शर्मा,रमन नारंग, केवल कृष्ण लांबा समेत अनेक पदाधिकारी और सैकड़ों भक्त उपस्थित रहे।
चेहरे पर सिंदूर, हाथों में ज्योति-पात्र लिए श्रद्धालुओं की कतारें देर रात तक मंदिर प्रांगण को माँ के जयघोष से गुंजायमान रखीं, जो नवरात्र साधना की मनोहारी परिणति का साक्षी बनी।



