8 नामजद समेत 500-600 अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज।
– पुलिस ने IPC की धारा 307 लगाई, हत्या के प्रयास का आरोप।
– सीताराम रणकोटी, लालमणी रतूडी, योगेश डिमरी समेत 8 नेताओं पर केस।
– मालवीय नगर, अमितग्राम पर मनसा देवी क्षेत्र में हुआ था बवाल।
– पुलिस ने वीडियो और फोटो के आधार पर पहचान शुरू की।
ब्यूरो, ऋषिकेश।
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर वन भूमि की नपाई का विरोध करना प्रदर्शनकारियों को भारी पड़ गया है, हाईवे जाम, सरकारी कार्य में बाधा और हिंसा के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए बड़ा एक्शन लिया है।
वन विभाग और प्रशासन की टीम पर पथराव, हंगामा और जानलेवा हमले के आरोप में पुलिस ने आठ नामजद समेत 500 से 600 अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस ने इस मामले में हत्या के प्रयास यानी IPC की धारा 307 सीधे तौर पर आठ नामजद आरोपियों पर लगाई है, जिनमें सीताराम रणकोटी, लालमणी रतूडी, योगेश डिमरी उर्फ आंवला न्यूज़, विकास सेमवाल, जहांगीर आलम, गंगा प्रसाद सिमल्टी, राजेन्द्र गैरोला और पूजा पोखरियाल के नाम शामिल हैं।
इसके अलावा भीड़ का हिस्सा रहे 500 से 600 अज्ञात महिला-पुरुषों के खिलाफ भी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है, पुलिस ने मौके से जुटाए गए वीडियो, फोटो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
यह पूरा विवाद 27 और 28 दिसंबर को मालवीय नगर, अमितग्राम क्षेत्र पर मनसा में देवी उस वक्त भड़का था, जब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत वन विभाग और प्रशासन की टीम वन भूमि की नपाई के लिए मौके पर पहुंची थी।
पुलिस का कहना है कि कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया जा चुका है, जबकि बाकी की तलाश तेज कर दी गई है, जल्द ही इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि कानून हाथ में लेने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और हिंसा करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।



