“स्वच्छता एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि जीवनशैली है” – प्रो. अंजू अग्रवाल
ब्यूरो, ऋषिकेश।
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“हमें मन से संकल्प लेना चाहिए कि हम अपनी माँ गंगा को स्वच्छ बनाएंगे। स्वच्छता केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक जीवनशैली है जिसे हर नागरिक को अपनाना होगा।” यह विचार पूर्व निदेशक उच्च शिक्षा एवं कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रोफेसर अंजू अग्रवाल ने व्यक्त किए।
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मालदेवता रायपुर (देहरादून) के नमामि गंगे प्रकोष्ठ द्वारा प्राचार्य प्रोफेसर विनोद प्रकाश अग्रवाल की अध्यक्षता में “गंगा स्वच्छता पखवाड़ा” के अंतर्गत टपकेश्वर महादेव मंदिर के निकट गंगा की सहायक नदी तमसा के तट पर गंगा आरती एवं स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रो. अंजू अग्रवाल का बैच, पुष्पगुच्छ, शॉल एवं प्रतीक चिह्न देकर स्वागत किया गया।
मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि विदेशों की नदियाँ स्वच्छ हैं, जबकि हमारी सांस्कृतिक धरोहर “माँ गंगा” को अपेक्षित स्वच्छता नहीं मिल पा रही है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से अपील की कि वे स्वयं जागरूक रहें और समाज को भी स्वच्छता के प्रति प्रेरित करें।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य प्रो. विनोद प्रकाश अग्रवाल ने कहा कि गंगा भारत की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है और इसका संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने गंगा आरती एवं स्वच्छता अभियानों को जन-जागरूकता का प्रभावी माध्यम बताया।
नोडल अधिकारी डॉ. कविता काला ने कहा कि भारत सरकार की योजनाएं तभी सफल होंगी जब युवा वर्ग सक्रिय रूप से भागीदारी करेगा। उन्होंने कहा कि यदि स्थानीय लोग और युवा स्वच्छता के प्रति सजग होते हैं, तो यह एक महत्वपूर्ण परिवर्तन होगा।
नमामि गंगे प्रकोष्ठ के सदस्य डॉ. सुमन सिंह गुसाईं ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि स्वच्छता को हमें अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना होगा। कार्यक्रम में छात्रों एवं स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए नदी तट की सफाई की और स्वच्छता का संकल्प लिया।
इस अवसर पर लगभग 25 कुंतल गीला कूड़ा एकत्रित किया गया, जिसका निस्तारण केंट बोर्ड द्वारा किया गया। यह पहल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी गई।
कार्यक्रम में प्रो. सुरेश नौटियाल, प्रो. महेंद्र सिंह पवार, प्रो. यतीश वशिष्ठ, प्रो. अनीता चौहान, डॉ. डिंपल भट्ट, डॉ. योगेंद्र नैनवाल, डॉ. शैलेंद्र सिंह, डॉ. रेखा चमोली, डॉ. उमा पपनोई, डॉ. विनोद शाह, डॉ. लीना चौहान, गुंजन रावत, बसंत, पंजक,सुनील सहित महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता की।
कार्यक्रम का संचालन एवं मुख्य अतिथि का धन्यवाद प्रो. अनीता चौहान द्वारा किया गया।



