शहर में 27 ई-बस खरीद पर बवाल, परिवहन यूनियनों ने जताया विरोध।
– स्थानीय लोगों का रोजगार छिनने का आरोप
– सरकार पर हितधारकों की अनदेखी का आरोप
– आंदोलन की चेतावनी
ब्यूरो, ऋषिकेश।
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नेपालीफार्म-ऋषिकेश के बीच 27 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से पहले ही विरोध शुरू हो गया है। शहर की सड़कों की क्षमता का हवाला देते हुए सवारी वाहन यूनियनों ने बसों को अनावश्यक बताया है। उनका कहना है कि शहर में पहले से ही जाम की समस्या है, ऐसे में बसें चलाने से स्थिति और खराब होगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेजकर शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
सोमवार को हरिद्वार रोड स्थित टेंपो महासंघ कार्यालय में सवारी वाहन यूनियन सदस्यों की बैठक हुई। जिसमें प्रदेश अध्यक्ष विनय सारस्वत ने बताया कि उत्तराखंड शहरी विकास क्षेत्र एजेंसी की ओर से नेपालीफार्म से ऋषिकेश तक 27 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद से स्थानिय लोगों का रोजगार छीन रही है। कहा कि नगर क्षेत्र में 3,500 ई-रिक्शा और ऑटो संचालित हो रहे हैं। 1,600 टेंपो व ऑटो अलग से हैं। हरिद्वार से भी यहां 2,500 सवारी प्रतिदिन पहुंच रहे हैं। कहा कि ऋषिकेश बेहद छोटा शहर है,जिसमें पहली ही सवारी, निजी और अन्य वाहनों की वजह से जाम की स्थिति बनी रहती है। ऐसे में बसों का संचालन न सिर्फ यहां सवारी वाहनों पर निर्भर लोगों का रोजगार को प्रभावित करेगा, बल्कि जाम की समस्या को और भी ज्यादा भीषण कर देगा। उन्होंने बसों और ई-रिक्शा-ऑटो के रजिस्ट्रेशन पर रोक के साथ ही ऑटो-टैंपों के लिए हरिद्वार-ऋषिकेश में परमिट जारी नहीं करने की मांग रखी।
उत्तराखंड परिवहन महासंघ अध्यक्ष सुधीर राय ने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के फैसले का विरोध किया, जिस पर मौजूदा ऑटो-टेंपो मालिक और चालकों की आर्थिक स्थिति बिगड़ने का हवाला भी दिया।
विक्रम चालक एवं मालिक एसोसिएशन सुनील कुमार ने कहा कि सरकार द्वारा पहले ही ई-रिक्शा को बिना परमिट संचालन की अनुमति प्रदान की गई है। जिस कारण छोटे से शहर ऋषिकेश के अंदर बेहतरीन ई रिक्शा संचालित हो रहे हैं। ऐसे में यदि 27 बसें भी शहर के अंदर संचालित होने लगेगी तो आने वाला समय पूरे ऋषिकेश के अंदर जाम की स्थिति बनी रहेगी सरकार को ई-रिक्शा के परमिट व रजिस्ट्रेशन तुरंत प्रभाव से बंद कर देने चाहिए किसी भी नए ई रिक्शा व बसों को संचालन की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए ।
इस दौरान त्रिलोक सिंह भंडारी,राजेंद्र लामा, कमल सिंह राणा, हरीश रावत, मुकेश तिवारी, वीरेंद्र सजवान, योगेश शर्मा, द्वारिका प्रसाद, गोविंद पयाल मौजूद रहें।



