May 12, 2026

दुर्गा मंदिर में मूर्ति खंडित करने वाला आरोपी मानसिक रूप से ठीक नहीं

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ऋषिकेश। देहरादून रोड पर शिव दुर्गा मंदिर में मूर्ति को पत्थर मारकर मूर्ति खंडित करने वाला आरोपी को पुलिस ने हिरासत में लिया बताया गया कि आरोपी का मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण उसे परिजनों के हवाले कर दिया गया।

बीते दिनों किसी असामाजिक तत्व ने देहरादून रोड पर स्थित दुर्गा मंदिर पर पत्थर फेंक मूर्ति को खंडित कर दिया स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि पत्थर बाजी करने के बाद उक्त व्यक्ति फरार हो गया जिस पर आक्रोशित स्थानीय निवासी और मंदिर प्रबंधक ने कोतवाली पहुंचकर तहरीर दी की उक्त व्यक्ति की पहचान कर उसके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई।

जिस पर पुलिस ने टीम गठित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खांखला और आसपास के व्यक्तियों से पूछताछ की गई। इस दौरान सीसीटीवी फुटेज से प्राप्त संदिग्ध के हुलिए से मेल खाता 01 व्यक्ति मिला, जिसे पुलिस द्वारा संरक्षण में लेकर उससे आवश्यक पूछताछ की गई तो उक्त व्यक्ति का मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। पुलिस की ओर से किए गए काफी प्रयासों के बाद उक्त व्यक्ति की पहचान नयन कुमार पुत्र जगदीश भाई निवासी: भावनगर गुजरात के रूप में हुई।

पुलिस टीम द्वारा स्थानीय गुजरात पुलिस से सम्पर्क कर उक्त व्यक्ति के सम्बन्ध में जानकारी की गई तो उक्त व्यक्ति का विगत 07 वर्षों से अपने घर से लापता होना तथा इस संबंध में भावनगर थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज होना ज्ञात हुआ, पुलिस टीम द्वारा उक्त व्यक्ति के परिजनो से सम्पर्क कर उन्हें ऋषिकेश बुलाया गया। दिनांक: 17-01-24 को उक्त व्यक्ति के परिजन कोतवाली ऋषिकेश पर आये, जिनके द्वारा उसके मानसिक रूप स विक्षिप्त होने तथा गुमशुदगी से पूर्व उसका मानसिक उपचार चलने के संबंध में जानकारी दी गई।

जिस पर पुलिस ने वादी प्रबंध दुर्गा मन्दिर को कोतवाली बुलाकार उक्त व्यक्ति के परिजनों से मिलवाते हुए उसके मानसिक रूप से ठीक नही होने की जानकारी दी गई, जिस पर वादी द्वारा मानवीय संवेदना के सभी आधार पर उक्त व्यक्ति के विरूद्ध कोई कानूनी कार्यवाही न चाहने तथा उक्त व्यक्ति को उसके परिजनो के सुपुर्द करने के लिये हामी भरी गई। पुलिस ने मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति नयन कुमार को उसके पिता जगदीश भाई के सुपुर्द किया गया। 07 वर्षों के पश्चात अपने पुत्र को सकुशल पाकर उसके पिता व अन्य परिजन भावुक हो गये तथा उनके द्वारा उत्तराखण्ड पुलिस के मानवीय दृष्टिकोण तथा कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए आभार व्यक्त किया गया।

 

 

 

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