टिहरी पीएसपी देश का सबसे बड़ा पंप स्टोरेज प्लांट बना, केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल ने किया उद्घाटन।
टीएचडीसी ने टिहरी में 1000 मे.वा. वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज प्लांट की तीसरी यूनिट का वाणिज्यिक संचालन शुरू किया।
भारत का पहला वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज प्लांट शुरू।
टिहरी पीएसपी देश का सबसे बड़ा पंप स्टोरेज प्लांट बना।
ग्रिड स्थिरता और स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण को मजबूत करेगा।
केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल ने किया उद्घाटन।
ब्यूरो, ऋषिकेश।
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केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड ने टिहरी में 1000 मे.वा. पंप स्टोरेज प्लांट की तीसरी यूनिट (250 मे.वा.) का वाणिज्यिक संचालन शुरू किया।
टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की इस उपलब्धि से भारत के स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में एक नया अध्याय जुड़ गया है। टिहरी पीएसपी अब देश का पहला वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज प्लांट और CPSE द्वारा संचालित सबसे बड़ा पीएसपी बन गया है।
पहली और दूसरी यूनिटों की सीओडी प्रक्रिया जून और जुलाई, 2025 में प्रारंभ होने के बाद अब तीसरी यूनिट की सीओडी प्रक्रिया की शुरुआत से टीएचडीसी की टेक्नोलॉजिकली एडवांस्ड और ग्रिड-रिस्पॉन्सिव हाइड्रोपावर सॉल्यूशन देने में लीडरशिप और मज़बूत हो गयी है।
टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की टेक्नोलॉजिकली एडवांस्ड और ग्रिड-रिस्पॉन्सिव हाइड्रोपावर सॉल्यूशन देने में लीडरशिप और मज़बूत हो गयी है, टिहरी पीएसपी की तीनों यूनिटों की सीओडी प्रक्रिया के साथ।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल ने वर्चुअल माध्यम से तीसरी यूनिट का वाणिज्यिक संचालन आधिकारिक तौर पर शुरू किया।
इस अवसर पर विद्युत और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के राज्य मंत्री, श्रीपाद नाइक और माननीय ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार, ए. के. शर्मा भी मौजूद रहें, जिनका सिपन कुमार गर्ग, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक का टीएचडीसीआईएल ने स्वागत किया।
इस अवसर पर मनोहर लाल, माननीय केंद्रीय विद्युत ने कहा कि टीएचडीसी की टीम को टिहरी पीएसपी की तीसरी यूनिट (250 मे.वा.) की सीओडी प्रक्रिया के सफलतापूर्वक शुरू होने पर बधाई। बताया कि बिजली की खपत लगातार बढ़ने के साथ, पीएसपी जैसे स्टोरेज एसेट चौबीसों घंटे विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए बहुत ज़रूरी हैं। 1000 मे.वा. का टिहरी पीएसपी, जिसकी तीनों यूनिटें अब पूरी तरह से चालू हो रहीं हैं, एक मज़बूत और भरोसेमंद पावर इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रति भारत की प्रतिबद्धता का उदाहरण है और वर्ष 2047 तक प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत’ के विज़न को साकार करने में योगदान दे रहा है।
राज्य मंत्री श्रीपाद नाइक ने कहा कि टीएचडीसी पंप स्टोरेज समाधानों के विकास में एक अग्रणी सार्वजनिक क्षेत्र संगठन के रूप में उभर रहा है। टिहरी पीएसपी की दो यूनिट पहले ही वाणिज्यिक संचालन में हैं और तीसरी यूनिट आज सफलतापूर्वक शुरू हो गई है, जिससे निगम 1000 मेगावाट क्षमता वाले इस परियोजना को पूर्ण रूप से कमीशन करने की दिशा में दृढ़ता से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कई अतिरिक्त पंप स्टोरेज परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं, जो टीएचडीसी को देश के भविष्य के ग्रिड के लिए आवश्यक स्टोरेज अवसंरचना के एक प्रमुख प्रेरक के रूप में स्थापित करती हैं।
उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा ने भी टीएचडीसी को इस विशेष उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए इस परियोजना के तकनीकी महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर नवीकरणीय ऊर्जा को राष्ट्रीय ग्रिड में समाहित करने के लिए उन्नत पंप-स्टोरेज प्रणालियाँ अत्यंत आवश्यक हैं। 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय क्षमता के माननीय प्रधानमंत्री के विज़न के संदर्भ में, टिहरी पीएसपी एक महत्वपूर्ण परिसंपत्ति के रूप में उभरता है, जो भविष्य में अधिक नवीकरणीय ऊर्जा को अपनाने हेतु आवश्यक बैलेंसिंग क्षमता सुनिश्चित करता है।
सचिव पंकज अग्रवाल बताया कि 1320 मेगावाट के खुर्जा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट की दोनों इकाइयों का सफलतापूर्वक चालू होना तथा टिहरी पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट की तीनों यूनिट्स का वाणिज्यिक संचालन शामिल है। उन्होंने इन महत्वपूर्ण राष्ट्रीय परिसंपत्तियों के सफल संचालन और समयबद्ध प्रगति के लिए पूरी टीएचडीसी टीम की सराहना की और आगामी परियोजनाओं में भी इसी गति, प्रतिबद्धता और दक्षता को बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया।”
अध्यक्ष घनश्याम प्रसाद ने कहा कि इस पंप स्टोरेज परियोजना का राष्ट्रीय ग्रिड में सफल एकीकरण पावर सेक्टर के लिए गर्व का क्षण है। एक सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम द्वारा विकसित किए जा रहे प्रारम्भिक वेरिएबल-स्पीड पीएसपी में से एक होने के नाते, यह उपलब्धि अनेक तकनीकी और क्रियान्वयन संबंधी चुनौतियों के बावजूद हासिल किया गया एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने इस परियोजना से प्राप्त अनुभव और सीख को पूरे विद्युत क्षेत्र के साथ साझा करने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि इन अमूल्य जानकारियों का व्यापक लाभ मिल सके।
अध्यक्ष गुरदीप सिंह कहा कि यह उपलब्धि पावर सेक्टर के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। ऐसे समय में जब देश विश्वसनीय ऊर्जा-भंडारण समाधानों की बढ़ती आवश्यकता से जूझ रहा है, यह विकास पीक डिमांड के दौरान सुनिश्चित एवं स्थिर बिजली आपूर्ति की क्षमता को उल्लेखनीय रूप से सुदृढ़ करता है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि अधिक लचीले, अधिक सक्षम और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार राष्ट्रीय ग्रिड की दिशा में एक निर्णायक और दूरगामी कदम है।”
अध्यक्ष सिपन कुमार गर्ग कहा कि समर्पित योगदान से ही आज टिहरी पीएसपी की तीसरी यूनिट की सफल सीओडी प्रक्रिया प्रारंभ हुई है, जिससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए अतिरिक्त 750 MW बिजली उत्पादन और 750 MW पंपिंग क्षमता मिलेगी। उन्होंने बताया कि पहली और दूसरी यूनिटों ने लगभग 80% की राउंड-ट्रिप एफिशिएंसी हासिल की है, जो वेरिएबल-स्पीड टेक्नोलॉजी की मज़बूत परफॉर्मेंस और टिहरी पीएसपी डिज़ाइन की मज़बूती को रेखांकित करती है।
फ्लेक्सिबल पीकिंग पावर प्रदान करने और आवश्यक ग्रिड बैलेंसिंग सपोर्ट सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन किया गया टिहरी वेरिएबल-स्पीड पीएसपी, भारत की अस्थिर नवीकरणीय ऊर्जा को प्रबंधित करने की क्षमता में एक महत्वपूर्ण उन्नति है। यह कमीशनिंग माइलस्टोन, अत्याधुनिक हाइड्रोपावर समाधानों में टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की नेतृत्व क्षमता को पुनः स्थापित करता है और वैश्विक स्तर पर भारत की स्वच्छ ऊर्जा में पहचान को और मजबूत बनाता है।
इस दौरान एल. पी. जोशी, मुख्य तकनीकी अधिकारी, टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड,कुमार शरद, कार्यपालक निदेशक (परियोजना), नीरज वर्मा, कार्यपालक निदेशक (प्रभारी), एम. के. सिंह, मुख्य महाप्रबंधक (टीसी), डॉ अमर नाथ त्रिपाठी, मुख्य महाप्रबंधक (मा० सा० एवं प्रशा. व के.सं.) के साथ टीएचडीसी के वरिष्ठ अधिकारी और प्रोजेक्ट कंसोर्टियम के प्रतिनिधि, GE वर्नोवा, एचसीसी और पावर सेक्टर के अन्य हितधारक मौजूद रहें।



