‘वेज बिरयानी’ से ‘वेज पुलाव’ तक: हरिद्वार में अखंड परशुराम अखाड़े का अभियान दूसरे दिन भी जारी
ब्यूरो,हरिद्वार।
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तीर्थनगरी हरिद्वार में अखंड परशुराम अखाड़े का ‘नाम परिवर्तन अभियान’ शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। साधु-संतों की टीम ने शहर के कई इलाकों में दुकानों के बाहर लगे ‘वेज बिरयानी’ के बोर्डों पर ‘वेज पुलाव’ के स्टिकर चिपकाए।
धार्मिक पहचान का हवाला …….
अखाड़े के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने कहा कि हरिद्वार एक पवित्र तीर्थनगरी है। यहां की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखना जरूरी है। ‘बिरयानी’ शब्द मुगलकालीन व्यंजन से जुड़ा है, इसलिए तीर्थस्थल पर इसका प्रयोग उचित नहीं है। इसलिए दुकानदारों से अपील की जा रही है कि वे अपने मेन्यू/बोर्ड में ‘वेज बिरयानी’ की जगह ‘वेज पुलाव’ लिखें।
दूसरे दिन का अभियान…….
शुक्रवार से शुरू हुए इस अभियान में साधु-संत शांतिपूर्ण तरीके से दुकानदारों से संवाद कर रहे हैं। विरोध नहीं, संवाद के जरिए नाम बदलने की अपील की जा रही है। कई दुकानदारों ने स्वेच्छा से स्टिकर लगाने की अनुमति भी दी।
मिश्रित प्रतिक्रिया…….
कुछ दुकानदार अखाड़े की बात से सहमत दिखे, जबकि कुछ ने कहा कि ‘बिरयानी’ अब एक आम व्यंजन का नाम बन चुका है। प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखी हुई है और शांति बनाए रखने की अपील की है।



