कैलाशानंद मिशन ट्रस्ट को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत।
ब्यूरो, ऋषिकेश/स्वर्गाश्रम।
____________________________
लक्ष्मणझूला स्थित कैलाशानंद मिशन ट्रस्ट को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है, जहां 4 दिसंबर 2025 को नैनीताल हाईकोर्ट के उस फैसले पर रोक लगा दी गई, जिसमें ट्रस्ट की संपत्ति BKTC (बदरी-केदारनाथ मंदिर समिति) को सौंपी गई थी, जिससे अब ट्रस्ट के मामलों का प्रबंधन रिसीवर के जरिए पहले की तरह जारी रहेगा।
हाईकोर्ट ने संपत्तियों के दुरुपयोग और ट्रस्टियों को हटाने के आरोपों के चलते BKTC को रिसीवर नियुक्त किया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के दखल से ट्रस्टियों को बड़ी राहत मिली है।
हाईकोर्ट का फैसला 18 नवंबर 2025 नैनीताल हाईकोर्ट ने ट्रस्ट की लक्ष्मणझूला स्थित संपत्तियों (मंदिर, धर्मशाला, गौशाला) पर अवैध कब्जे और दुरुपयोग की शिकायतों के बाद, विवाद सुलझने तक संपत्ति BKTC को सौंपने का आदेश दिया था।
ट्रस्टियों की अपील।
हाईकोर्ट के इस आदेश के खिलाफ ट्रस्ट से जुड़े ट्रस्टियों ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला 4 दिसंबर 2025।
सुप्रीम कोर्ट ने ट्रस्टियों की अपील पर सुनवाई करते हुए, हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी और ट्रस्ट को पहले की तरह रिसीवर के माध्यम से चलाने का निर्देश दिया।
कैलाशानंद ट्रस्ट को राहत।
इस फैसले से ट्रस्ट के मूल हकदारों और प्रबंधन को बड़ी राहत मिली है, और अब संपत्ति का प्रबंधन रिसीवर के हाथ में रहेगा, जैसा पहले था।



