नेत्रदान का 450 वां सफल प्रयास
ब्यूरो, ऋषिकेश।
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एम एन गुप्ता ने नेत्रदान के प्रति अपनी जागरूकता और समर्पण को दिखाया है। उन्होंने 2 वर्ष पूर्व अपनी पत्नी माधुरी गुप्ता की मृत्यु पर नेत्रदान करवाया था, और अब अपनी मृत्यु पर भी नेत्रदान करने का निर्णय लिया है। उन्होंने अपने पारिवारिक चिकित्सक डॉ एस एन वशिष्ठ को अवगत कराया था, जिन्होंने उनके नेत्रदान को सफलतापूर्वक पूरा किया।
लायंस क्लब ऋषिकेश देवभूमि के चार्टर अध्यक्ष गोपाल नारंग ने बताया कि एम के गुप्ता के निधन पर डॉ वशिष्ठ की सूचना पर उनकी नेत्रदान टीम ने उनके निवास पर पहुंचकर दोनों कार्निया सुरक्षित प्राप्त कर लिए। यह नेत्रदान का 450वां सफल प्रयास है, जो समाज में नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद कर रहा है।
नेत्रदान की कड़ी में और भी लोग जुड़े………
प्यारेलाल जुगराण के प्रेरित करने पर हरीश राणा ने अपने भाई विजय राणा के नेत्रदान करवाए, जबकि गीतू पाहवा और चंद्रशेखर के प्रेरित करने पर प्रदीप बंसल ने अपनी माता के नेत्रदान करवाए।
नेत्रदान महादान हरिद्वार ऋषिकेश मिशन की सफलता…….
रामशरण चावला द्वारा प्रारंभ किए गए नेत्रदान महादान हरिद्वार ऋषिकेश मिशन का यह 450वां सफल प्रयास है। एम के गुप्ता ने अपनी मृत्यु पर नेत्रदान का निर्णय लिया था और उनके पारिवारिक चिकित्सक डॉ एस एन वशिष्ठ ने उनके नेत्रदान को सफलतापूर्वक पूरा किया।
प्यारेलाल जुगराण के प्रेरित करने पर हरीश राणा ने अपने भाई विजय राणा के नेत्रदान करवाए, जबकि गीतू पाहवा और चंद्रशेखर के प्रेरित करने पर प्रदीप बंसल ने अपनी माता के नेत्रदान करवाए।
नेत्रदान के इस पुनीत कार्य पर अमित वत्स, मनमोहन भोला, विकास ध्यानी, और सोमपाल प्रजापति ने परिवार को साधुवाद दिया है। यह प्रयास समाज में नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद कर रहा है।
क्लब के पदाधिकारियों ने बताया कि रामशरण चावला द्वारा प्रारंभ किए गए नेत्रदान महादान हरिद्वार ऋषिकेश मिशन का यह 450वां सफल प्रयास है, जो अविरल चलता रहेगा।



