भारतीय संविधान के कर्तव्यों पर ध्यान देना समय की मांग : डॉ मैठाणी
नरेंद्रनगर। भारतीय संविधान अपने नागरिकों को राजनीतिक न्याय के साथ आर्थिक, सामाजिक और वैचारिक अभिव्यक्ति में स्वावलंबन की अनुमति देता है, जो कि व्यक्ति एवं समाज की सर्वांगीण विकास के लिए प्राण तत्व का कार्य करता है।लेकिन हमें अपने अधिकारों के साथ कर्तव्यों का विशेष ध्यान रखना होगा यहां विचार आज संविधान दिवस के अवसर पर डॉ यू सी मैठाणी प्रभारी प्राचार्य ने छात्रों, अध्यापकों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
मंगलवार को राजकीय महाविद्यालय नरेंद्र नगर में कॉलेज सांस्कृतिक समिति के बैनर तले संविधान दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर कॉलेज परिवार ने डॉ भीमराव अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि देखकर अंबेडकर के कार्यों और संविधान के प्रावधानों पर प्रकाश डाला। इसके उपरांत बीसीए प्रथम वर्ष की छात्रा प्रियंका ने भारत के संविधान की उद्देशिका का वाचन उपस्थित जनों की मौजूदगी में किया।
कार्यक्रम में अपने विचार रखते हुए कॉलेज प्राध्यापक डॉ विक्रम सिंह बर्त्वाल ने भारतीय संविधान को आजाद भारत में सृजित ‘वेद ग्रंथ’ बताया उन्होंने कहा की संविधान में हमारे जीवन संचालन की बेहतरीन पद्धतियों का उल्लेख है । डॉ बर्त्वाल ने संविधान को भारतीय लोकतंत्र की आत्मा बताया।
कार्यक्रम के आयोजन में कॉलेज एनएसएस यूनिट तथा स्वीप- समिति का विशेष सहयोग रहा स्वीप- समिति की कॉलेज अंबेडकर डॉ सोनी तिलारा ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसी सभी छात्र जिनकी आयु 1 जनवरी 2025 को 18 वर्ष पूरी हो रही हो फॉर्म- 6 भरकर वोटर आई डी कार्ड बनवाना सुनिश्चित करें।
इस दौरान डॉ आराधना सक्सेना, एनएसएस के नोडल ऑफिसर डॉ मनोज फोंन्दडी़ , डॉ राजपाल रावत डॉ सुशील कगडियाल ,डॉ विजय प्रकाश, डॉ सुधारानी डॉ सृचना ,डॉ नताशा, डॉ बी पी पोखरियाल डॉ ज्योति शैली ,डॉ रंजीता, डॉ इमरान अली, मुनेंद्र, विशाल, लक्ष्मी,मंजू मेहता, भागेश्वरी, रामाविष्ट अनूप नेगी, रमेश पुंडीर ,आदित्य, शीशपाल,सत्येंद्र गणेश पांडे,गिरीश जोशी, डॉ जितेंद्र नौटियाल मौजूद रहें।



