अस्पताल और डॉक्टर की लापरवाही से महिला की हुई थी मौत, दस वर्ष बाद मिला न्याय।
देहरादून।
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मैक्स अस्पताल के स्पेशलिस्ट डॉक्टर को देना होगा 10 लाख का मुआवजा।
सर्जरी से पहले हुआ कार्डियक अरेस्ट, महिला की मौत।
राज्य उपभोक्ता आयोग ने देहरादून के मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और एक डॉक्टर को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। आयोग ने पाया कि अस्पताल की लापरवाही के कारण शकुंतला देवी की मौत हुई थी। संदीप गुप्ता ने 10 साल पहले आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी, जिस पर अब जाकर सुनवाई हुई है।
देहरादून स्थित एक होटल में मृतक सकुंतला देवी के बेटे संदीप गुप्ता ने एक प्रेस वार्ता का आयोजन कर बताया कि हरिधाम कॉलोनी, ऋषिकेश निवासी शकुंतला देवी की 14 अप्रैल 2014 को देहरादून के मैक्स अस्पताल में सर्जरी होनी थी। सर्जरी से पहले कार्डियक क्लीयरेंस के लिए डोबुटामाइन स्ट्रेस इको (डीएसई) टेस्ट कराया गया, जिसमें उन्हें कार्डियक अरेस्ट हो गया। परिजनों के आरोपी लगाया की अस्पताल की लापरवाही के कारण, शकुंतला देवी कोमा में चली गई और 13 मई 2014 को उनका निधन हो गया।
संदीप गुप्ता ने बताया कि अस्पताल के डॉ. अमित, राणा, डॉ एके सिंह, डॉ प्रीति शर्मा, डॉ पुनीश सडाना के खिलाफ आयोग में इलाज में लापरवाही का वाद दायर किया था। आयोग ने अस्पताल और डॉ. राणा को लापरवाही का दोषी मानते हुए पीड़ित परिवार को मुआवजा और मुकदमा खर्च देने के आदेश दिए।
संदीप गुप्ता ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि संदीप गुप्ता का कहना है कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण मरीजों की जान चली जाती है, लेकिन वे ऊंची पहुंच के कारण कार्रवाई से बच जाते हैं। उन्होंने मांग की है कि लापरवाही करने वाले चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि वे आगे ऐसी गलती न करें।



