राष्ट्र के साथ गो को राजमाता का दर्जा मिले
ऋषिकेश। महाराष्ट्र की तर्ज पर गो माता को राजमाता का दर्जा देने की मांग को लेकर नौ मार्च को देहरादून में जनसभा होगी।
मंगलवार को त्रिवेणी घाट पर आयोजित प्रेस वार्ता में कथावाचक गोपालमणि ने कहा कि वह इस आंदोलन को साल 2008 से चला रहा है, जिसमें उनकी मांग गो माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने की भी है। बताया कि प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ में धर्म संसद भी इस मांग को पूर जोर से ढंग केंद्र सरकार के समक्ष रखा जाएगा।
बताया कि सनातन धर्म में वेद, उपनिषद, पुराणों और धर्मशास्त्रों में गो की महिला है। गाय को पशु नहीं, बल्कि माता की प्रतिष्ठा दी गई है, लेकिन अभी तक देश में गो को राष्ट्र माता का दर्जा नहीं मिलना चिंताजनक है।
कहा कि गो को पशु की श्रेणी में रखा जाना गलत है। बताया कि वह देश के 676 जिलों में इस आंदोलन ले चुके हैं, जिसमें उन्हें चारों शंकराचार्य का समर्थन भी प्राप्त है। कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भी सभा में शामिल होकर इसर्व अगला घोषणा करने का न्योता दिया जा रहा है।
इस दौरान साध्वी राजेश्वर देवा, अब्बल देई, बिजेंद्र दास महाराज, राधेश्याम, चंदाना, आयुष गौड़ मौजूद रहें



