भारी बारिश और तूफान में भी भक्तों की आस्था नहीं हुई कम,नारायण रूप भगवान भरत को गंगा में कराया स्नान।
वसंत पंचमी पर भारी बारिश के बीच निकली भरत भगवान की शोभायात्रा।
भारी बारिश में भी भक्तों की आस्था नहीं हुई कम।
श्रद्धालुओं ने ‘जय श्री भरत’ के नारों से गूंजाया पूरा नगर।
ब्यूरो, ऋषिकेश।
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भारी बारिश और तूफान के बीच वसंत पंचमी के दिन पुरातन काल से चली आ रही परंपरा भरत भगवान की शोभायात्रा पूरे धूमधाम से निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए, ‘जय श्री भरत’ के नारों से पूरा नगर गूंज उठा, और जगह-जगह पुष्पवर्षा, रंगोली व स्वागत के साथ यात्रा संपन्न हुई।

शुक्रवार को भारी बारिश के बीच भक्तो की आस्था कम नहीं हुई,गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और जयकारों के साथ यात्रा निकाली गई। बड़ी संख्या में भक्तों ने ‘पीतांबर परिधानों’ में शामिल होकर यात्रा की शोभा बढ़ाई। रास्ते में, लोगों ने फूलों की वर्षा कर और रंगोली सजाकर यात्रा का स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने भगवान भरत के दर्शन किए और सुख-समृद्धि की कामना की, तथा भोग लगाकर पुण्य लाभ कमाया।
नारायण स्वरूप भरत भगवान की डोली नगर भ्रमण के दौरान भगवान भरत जी महाराज के प्रतिनिधि स्वरूप महंत वत्सल प्रपन्नाचार्य महाराज सभी भक्तजनों को आशीर्वाद देते हैं। साथ ही इस दिन का विशेष महत्व है कि शंकराचार्य जी ने आज ही के दिन ऋषिकेश के ग्राम देवता भगवान भरत नारायण जी की दिव्य अलौकिक मूर्ति की स्थापना की थी।
बता दे कि भरत मंदिर में हर साल वसंत पंचमी के मौके पर एक भव्य शोभा यात्रा निकलता है, जिसमें भगवान भरत (जो विष्णु के रूप हैं, जिन्हें हृषिकेश नारायण भी कहते हैं) इनकी प्रतिमा को नगर भ्रमण कराया जाता है, फिर गंगा स्नान के बाद मंदिर में विराजमान किया जाता है, और यह उत्सव आदिगुरु शंकराचार्य द्वारा मूर्ति पुनर्स्थापित करने की परंपरा से जुड़ा है।
इस दौरान भव्य रथ यात्रा में वरुण शर्मा,दीप शर्मा ,विनय उनियाल, महंत रवि शास्त्री,जयेंद्र रमोला, प्रधानाचार्य यमुना प्रसाद त्रिपाठी ,प्रधानाचार्य के एल दीक्षित, प्रधानाचार्य सुरेन्द्र भट्ट, लेफ्टिनेंट लखविंदर सिंह, रामकृपाल गौतम, देवेंद्र प्रजापति, रंजन अंथवाल,दीपक भारद्वाज सहित सैकड़ो श्रद्धालु मौजूद रहें।



