गीता आश्रम में स्वामी शान्तानंद सरस्वती की पुण्यतिथि पर भव्य आयोजन।
ब्यूरो, ऋषिकेश।
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गीता आश्रम में ट्रस्ट के संस्थापक और आश्रम के पूर्व अध्यक्ष ब्रह्मलीन योगीराज महामंडलेश्वर स्वामी शान्तानंद सरस्वती का पुण्यतिथि पर भव्य आयोजन किया गया।
शुक्रवार को महंत स्वामी सर्वात्मानंद सरस्वती की अध्यक्षता में स्वामी शान्तानंद सरस्वती की पुण्यतिथि पर गीता पाठ, हवन, भजन, कीर्तन और श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई।
स्वामी सर्वात्मानंद सरस्वती ने बताया कि संतों का जीवन पर मार्थ के लिए होता है संत अपने संकल्पों से अनेक कार्यों को करते हैं। और अपने आध्यात्मिक जीवन से समाज को प्रेरणा प्रदान करते हैं। बताया कि उन्होंने गुरुदेव आश्रम संस्थापक स्वामी वेद व्यासानंद की बहुत सेवा की और उनकी सेवा उनकी कार्यशैली को देखते हुए उन्होंने अपना उत्तराधिकारी बनाया।
बताया कि देश-विदेश में भारतीय संस्कृति योग का प्रचार प्रसार किया और अपने जीवन काल में ही अपने गुरुदेव के नाम से ट्रस्ट बनाकर एवं आश्रम में गुरु की स्मृति में समाधि मंदिर का निर्माण किया स्वामी जी बहुत ही सरल व्यवहारिक जीवन में प्रेरणादाई रहें। आज उनके संकल्पना को ट्रस्ट के माध्यम से पूरा किया जा रहा है। उन्हें यही सच्ची श्रद्धांजलि है कि उनके द्वारा संकल्पित कार्यों को उनके सेवक एवं अनुयाई पूरा करते रहे और उनके बताए मार्ग का अनुसरण होता रहे।
ट्रस्ट अध्यक्ष डॉ. दीपक गुप्ता ने बताया कि गुरुदेव के प्रिय शिष्य थे और निरंतर उनकी सेवा में पूर्ण रूप से समर्पित रहे और अपने गुरु की आज्ञा अनुसार उन्होंने अपने दायित्वों का निर्वहन किया।
उन्होंने कहा कि गीता के संदेश अपने जीवन में उतारा गीता हमें ज्ञान भक्ति कम उपासना और भगवत दर्शन का साक्षात्कार कराती है हमें गीता के उपदेशों से प्रेरणा लेनी चाहिए। यही पूज्य स्वामी जी को श्रद्धांजलि होगी ट्रस्ट के माध्यम से उनके द्वारा संकल्पित कार्यों को पूर्ण किया जा रहा है।
इस दौरान विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया।
इस दौरान चंद्र मित्र शुक्ला,कृष्णा धार मिश्र, त्रिभुवन उपाध्याय, राजीव रंजन, शकुंतला राजपूत,भानु मित्र शर्मा,प्रमिला शाह, सुलोचना लखानी, गीता चैतन्य, लक्ष्मण पुंडीर, भगतराम, कोमल शर्मा, शशि गुप्ता, पंडित उदय राम, नीरज शास्त्री, अश्विनी शर्मा, आरती शर्मा मौजूद रहें।



