बाजारों में अतिक्रमण के बाद अब ई-ऑटो बने मुसीबत, गलियों से चौराहों तक बढ़ा जाम
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ब्यूरो, ऋषिकेश
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शहर के बाजारों में अतिक्रमण की समस्या के बीच अब ई-ऑटो रिक्शा और ऑटो चालकों की मनमानी आम लोगों के लिए नई परेशानी बनती जा रही है। फुटपाथों से लेकर शहर की आंतरिक गलियों तक बेतरतीब ढंग से खड़े वाहन यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं, जिससे दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है।
रेलवे स्टेशन, आईएसबीटी, त्रिवेणी घाट चौक और जयराम आश्रम चौराहे पर ई-ऑटो और ऑटो चालक नियमों को ताक पर रखकर सड़कों पर ही वाहन खड़े कर सवारियां भर रहे हैं। इसके चलते प्रमुख चौराहों और संपर्क मार्गों पर यातायात बार-बार बाधित हो रहा है और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासी गोपाल नारंग ने बताया की सुबह से लेकर शाम तक जयराम आश्रम मार्ग पर ई-ऑटो वाहनों के साथ-साथ बर्फ के गोलों की ठेलियां भी सड़क किनारे संचालित होती रहती हैं। इससे मार्ग संकरा हो जाता है और अक्सर जाम लग जाता है। गंगा घाटों की ओर जाने वाले स्थानीय लोगों और बाहर से आने वाले पर्यटकों को भी इसी जाम से होकर गुजरना पड़ता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार शिकायतों के बावजूद यातायात पुलिस की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। स्थिति यह है कि कुछ ऑटो चालकों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड तक हटाकर जयराम आश्रम मार्ग में प्रवेश कर रहे हैं।
चारधाम यात्रा सीजन और पर्यटन गतिविधियों के चलते पहले से ही वाहनों का दबाव बढ़ा हुआ है। ऐसे में अनियंत्रित ई-ऑटो संचालन और अतिक्रमण ने शहर की यातायात व्यवस्था को और अधिक अव्यवस्थित कर दिया है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और यातायात पुलिस से अवैध पार्किंग, अतिक्रमण तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि शहरवासियों और पर्यटकों को जाम की समस्या से राहत मिल सके।



